अधूरा निर्माण, उड़ती धूल और दुर्घटनाओं का खतरा; भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से की तत्काल कार्रवाई की मांग
चांडिल| सरायकेला खरसावां जिला के चांडिल–कांड्रा मुख्य सड़क की जर्जर स्थिति और अधूरे निर्माण कार्य को लेकर काटिया, चैनपुर, पाटा, छोटालाखा, मानीकुई, तारकुआं के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। सड़क पर गड्ढों और धूल के कारण आम लोगों का आवागमन अत्यंत जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत ऐसी है कि सड़क हादसे में कई लोगों का मृत्यु भी हो चुका है तथा हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है और जहां वास्तविक मरम्मत की जरूरत थी, वहां काम नहीं किया गया। इसके विपरीत कई जगहों पर केवल दिखावटी कार्य कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है, जिससे पूरे मामले में भ्रष्टाचार की आशंका गहराती जा रही है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता श्री अशोक रजक को ज्ञापन सौंपा। वार्ता के दौरान श्री रजक ने 7 दिनों के भीतर कार्य पुनः शुरू कराने और तब तक नियमित जल छिड़काव कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि पूर्व टेंडर की राशि समाप्त हो चुकी है, इसलिए संशोधित एस्टिमेट बनाकर शेष कार्य पूरा किया जाएगा।
ग्रामीणों ने उपायुक्त सरायकेला-खरसावां को भी ज्ञापन की प्रतिलिपि सौंपी। उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को शीघ्र कार्य शुरू करने और नियमित जल छिड़काव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
- अधूरा सड़क निर्माण कार्य अविलंब पूरा किया जाए
- दुर्घटना रोकने के लिए मानक गति अवरोधक लगाए जाएं
- घनी आबादी वाले क्षेत्रों में गति सीमा निर्धारित की जाए
- निर्माण पूर्ण होने तक भारी वाहनों पर रोक एवं नियमित जल छिड़काव हो
- चैनपुर मुख्य नहर पुल पर सुरक्षा रेलिंग लगाई जाए
- पुल पर पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ का निर्माण किया जाए
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि यदि 7 दिनों के भीतर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
इस मौके पर ईचागढ़ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी आसुदेव महतो, विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो, रुदिया पंचायत के मुखिया श्री ज्योति महाली सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।
