लोकतंत्र सवेरा/जमशेदपुर : भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक और संयम का देवता माना जाता है। गणेश पूजा का संदेश ही यही है कि जीवन में बुद्धि से काम लिया जाए, क्रोध और अहंकार पर संयम रखा जाए। लेकिन विडंबना देखिए कि जिस गणपति की पूजा और विसर्जन में लोग सुख-शांति और सद्बुद्धि की कामना करते हैं, उसी विसर्जन जुलूस के दौरान रास्ता देने जैसे मामूली विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि मामला मारपीट और चापड़ से हमले तक पहुंच गया।

साकची थाना क्षेत्र के काशीडीह लाइन नंबर-13 के पास रविवार रात गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान रास्ता देने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। इस दौरान चापड़ से हमला किए जाने की सूचना है। घटना में तीन लोग घायल हुए हैं। घायलों की पहचान जय कुमार यादव, सोनू यादव और कुंभ यादव के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि जय कुमार यादव के चेहरे पर चापड़ से चोट लगी है और उसका इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है। वहीं सोनू यादव और कुंभ यादव को बेहतर इलाज के लिए टीएमएच रेफर किया गया है।
रास्ता मांगने को लेकर शुरू हुआ विवाद……
मिली जानकारी के अनुसार, काशीडीह इलाके से गणेश विसर्जन जुलूस गुजर रहा था। इसी दौरान शुभम नामक युवक ने आगे जाने के लिए रास्ता मांगा। इसी बात को लेकर जुलूस में मौजूद कुछ लोगों से उसका विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान शुभम के साथ मारपीट की गई. इसके बाद शुभम ने इसकी जानकारी बस्ती के कुछ युवकों को दी। देखते ही देखते कई युवक मौके पर पहुंच गए और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इसके बाद एक बार फिर मारपीट शुरू हो गई।
चापड़ निकलते ही मचा हड़कंप……
आरोप है कि इसी दौरान सौरभ पंचकुड़ीया, रोहित और रिंकू समेत कुछ लोगों ने चापड़ से हमला कर दिया। हमले में तीन लोग घायल हो गए। जय कुमार यादव के चेहरे पर चोट लगने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और किसने किस पर हमला किया, इसे लेकर पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, क्यूआरटी तैनात……
घटना की सूचना मिलते ही साकची पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इलाके में किसी तरह की दोबारा तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न न हो, इसे देखते हुए क्यूआरटी की तैनाती की गई है. पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
सवाल यही है कि जिस गणपति बप्पा की आराधना में लोग बुद्धि, विवेक और शांति की प्रार्थना करते हैं, उनके विसर्जन के दौरान मामूली विवाद का हिंसक झड़प में बदल जाना आखिर समाज के लिए कैसा संदेश छोड़ता है? पूजा और आस्था का पर्व तभी सार्थक है, जब उसके साथ संयम, सद्भाव और भाईचारा भी कायम रहे।
