नवरात्रि के उल्लास पर हादसों का ग्रहण, उत्सव की खुशियां पल भर में चीख-पुकार और आंसुओं में बदलीं, कोलकाता से ग्वालियर तक दर्दनाक घटनाओं ने झकझोरा देश
लोकतंत्र सवेरा : शक्ति की आराधना, मां दुर्गा की भक्ति और खुशियों के पर्व नवरात्रि के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से आई दर्दनाक खबरों ने हर आंख को नम कर दिया। जिन पंडालों और आयोजनों में मां के जयकारे गूंजने चाहिए थे, वहां चीख-पुकार और अपनों को खोने का दर्द सुनाई दिया। कहीं भगदड़ ने परिवारों को उजाड़ दिया, तो कहीं तेज रफ्तार ट्रक श्रद्धालुओं के लिए काल बन गया। वहीं, डांडिया उत्सव के दौरान हुए हादसे ने एक छात्रा की जिंदगी छीन ली. शनिवार को सामने आए हादसों ने उत्सवों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और इंतजामों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोलकाता, ग्वालियर, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना से जुड़ी इन दर्दनाक घटनाओं में कुल 38 लोगों की मौत का दावा किया गया है। हादसों में कई अन्य लोगों के घायल होने की भी खबर है।

### कोलकाता में भगदड़ ने छीन लीं खुशियां…….
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ ने उत्सव के माहौल को मातम में बदल दिया। मां दुर्गा के दर्शन और पूजा की खुशियां मनाने पहुंचे लोगों के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई। भीड़ के दबाव में कई लोग संभल नहीं सके और देखते ही देखते हालात भयावह हो गए। इस हादसे में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया. जिन घरों में त्योहार की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब अपनों की वापसी का इंतजार आंसुओं में बदल गया। मां दुर्गा के सामने सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करने पहुंचे लोगों को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि यह दिन उनकी जिंदगी का सबसे दर्दनाक दिन बन जाएगा।
### ग्वालियर में ट्रक का कहर, श्रद्धालुओं की मौत से पसरा मातम…..
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भी एक दर्दनाक हादसे ने श्रद्धालुओं की खुशियां छीन लीं। तेज रफ्तार ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचल दिया। इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले मार्गों पर सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को उजागर कर दिया है. सड़क पर सुरक्षित घर लौटने की उम्मीद लेकर निकले लोगों के लिए यह सफर जिंदगी का आखिरी सफर बन गया। हादसे की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
### उत्तर प्रदेश से भी आई दुखद खबर……
नवरात्रि के बीच उत्तर प्रदेश से भी हादसे की खबर सामने आई। त्योहार के समय लोगों की सुरक्षा और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त इंतजामों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, इस घटना से संबंधित मृतकों की संख्या और हादसे के विस्तृत कारणों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
### तेलंगाना में डांडिया उत्सव के दौरान हादसा, छात्रा की मौत…….
तेलंगाना में डांडिया कार्यक्रम के दौरान लाइटिंग ट्रस गिरने से एक छात्रा की मौत हो गई। जिस आयोजन में संगीत, रोशनी और उत्साह के बीच लोग त्योहार मना रहे थे, वहां अचानक हुए हादसे ने सबको स्तब्ध कर दिया. एक छात्रा की असमय मौत ने परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। यह घटना धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में मंच, बिजली और लाइटिंग से जुड़े उपकरणों की सुरक्षा जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
### मां दुर्गा से प्रार्थना, किसी और का घर न उजड़े……
नवरात्रि का पर्व शक्ति, साहस और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। मां दुर्गा के दरबार में हर भक्त अपने परिवार की खुशहाली, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और अपनों की लंबी उम्र की कामना लेकर पहुंचता है। लेकिन इन हादसों ने कई परिवारों की दुनिया ही उजाड़ दी।
आज सवाल सिर्फ मौतों का आंकड़ा नहीं, बल्कि उन सुरक्षा इंतजामों का भी है, जिनकी कमी किसी उत्सव को त्रासदी में बदल सकती है। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, भारी वाहनों की आवाजाही पर निगरानी और अस्थायी मंचों व लाइटिंग ढांचे की सुरक्षा को गंभीरता से लेना जरूरी है।
मां दुर्गा से यही प्रार्थना है कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उन्हें यह असहनीय दुख सहने की शक्ति मिले और किसी दूसरे घर का चिराग इस तरह न बुझे। उत्सव तभी सच्चा उत्सव है, जब हर श्रद्धालु सुरक्षित अपने घर लौटे।

