जमशेदपुर : टिनप्लेट गुरुद्वारा साहिब में टिनप्लेट गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रथम प्रकाश पर्व श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पाठ, कीर्तन दरबार और गुरबाणी का आयोजन किया गया। गुरबाणी और कीर्तन की मधुर धुनों से पूरा गुरुद्वारा परिसर भक्तिमय हो उठा. प्रथम प्रकाश पर्व के अवसर पर बड़ी संख्या में संगत गुरुद्वारा साहिब पहुंची और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष माथा टेककर गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। संगत ने गुरु की पावन वाणी के माध्यम से मानवता, सेवा, समानता, प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश ग्रहण किया।

ताजदार आलम ने टेका माथा, कमेटी ने किया सम्मानित…..
इस अवसर पर झारखंड भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ताजदार आलम भी टिनप्लेट गुरुद्वारा साहिब पहुंचे। उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष माथा टेककर गुरु महाराज का आशीर्वाद लिया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से ताजदार आलम को मोमेंटो भेंट करने के साथ शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
सिख समाज और भाजपा कार्यकर्ताओं ने लिया गुरु महाराज का आशीर्वाद…..
प्रथम प्रकाश पर्व में सिख समाज के गणमान्य लोगों के साथ भाजपा से जुड़े सिख नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर माथा टेका। कार्यक्रम में सरदार कुलवंत सिंह पहलवान, रॉकी सिंह, चंचल भाटिया, सरदार नवजोत सिंह सोहल, सरदार इंद्रजीत सिंह बिट्टू, सुरेंद्र सिंह शिंदे, सरदार कर्मजीत सिंह कमा, सरदार जसवंत सिंह गिल और सरदार हैप्पी सिंह सहित बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग, भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कमेटी पदाधिकारियों ने किया स्वागत……
टिनप्लेट गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार सुरजीत सिंह, कार्यवाहक प्रधान सरदार गुरचरण सिंह बिल्ला और वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरदार बलवंत सिंह शेरों सहित कमेटी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अतिथियों और संगत का स्वागत किया। उन्होंने सभी को प्रथम प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं दीं. कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रथम प्रकाश पर्व गुरु की पावन वाणी और मानवता के सार्वभौमिक संदेश को स्मरण करने का अवसर है। गुरु ग्रंथ साहिब जी मानवता को जाति, धर्म और भेदभाव से ऊपर उठकर सेवा, समानता, प्रेम, भाईचारे और सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं. कार्यक्रम के समापन पर संगत ने सामूहिक रूप से अरदास कर समाज में सुख-शांति, आपसी भाईचारे, सद्भाव और मानव कल्याण की कामना की।
