मुरी : माकपा के सुफल महतो ने बजट को किसान बिरोधी बताया और कहा किकेंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, 2025 में कृषि की औसत विकास दर में गिरावट आई है। पिछली तिमाही में दर्ज विकास दर 3.5 प्रतिशत रही, जबकि दशक का औसत 4.45 प्रतिशत था। फसल उत्पादन में सबसे तीव्र गिरावट देखी गई है। कृषि क्षेत्र में इस ठहराव की पृष्ठभूमि में यह अपेक्षित था कि केंद्रीय बजट 2026–27 कुछ राहत और गति प्रदान करेगा। परन्तु बजट ने एक बार फिर निराश किया है।कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के लिए लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये का कुल आवंटन, संशोधित अनुमान 2025–26 की तुलना में महज़ 5.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। मुद्रास्फीति को ध्यान में रखने पर यह स्पष्ट है कि कृषि के लिए वास्तविक आवंटन में कोई ठोस वृद्धि नहीं हुई है।

झारखंड राज्य किसान सभा ने किसानों, ग्रामीण मजदूरों और आम जनता से आह्वान करती है कि वे 3 फ़रवरी 2026 को या उसके बाद किसी भी दिन गाँवों और तहसीलों में इस किसान-विरोधी, मजदूरों-विरोधी और संघवाद-विरोधी बजट की प्रतियाँ जलाकर झारखंड में इसका विरोध करें। किसान सभा सभी से यह भी अपील करती है कि 12 फ़रवरी को होने वाली आम हड़ताल को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं, ताकि जन-विरोधी केंद्रीय बजट 2026–27 के विरुद्ध जनता का ग़ुस्सा स्पष्ट रूप से नज़र आए।
रिपोर्ट: रिंकी कुमारी