सरायकेला-खरसावां : अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर रविवार को सरायकेला-खरसावां जिले में बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा, अधिकार और सशक्तिकरण को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर के दिशा-निर्देशन में आयोजित इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और समाज में उनके सम्मान एवं सुरक्षा को बढ़ावा देना था।

इस अवसर पर खरसावां प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के सचिव की अध्यक्षता में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि तोसिफ मिराज सहित बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों ने छात्राओं को संबोधित किया। इस दौरान बाल विवाह रोकथाम अधिनियम, बाल श्रम निषेध कानून, शिक्षा का अधिकार अधिनियम और पॉक्सो कानून की जानकारी दी गई। साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्राप्त करने के लिए हेल्पलाइन नंबरों और कानूनी सहायता की प्रक्रिया से भी छात्राओं को अवगत कराया गया।
पौधरोपण के साथ प्रतियोगिताओं का आयोजन
जिला समाज कल्याण विभाग के निर्देश पर जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में भी जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। आंगनबाड़ी सेविकाओं ने ग्रामीण महिलाओं और बालिकाओं के साथ पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वहीं, बालिकाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए रंगोली, भाषण, निबंध लेखन और चित्रांकन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
बाल विवाह रोकने का लिया संकल्प……
कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों, शिक्षकों और छात्राओं ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए शपथ ली तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प किया। इस दौरान पैरा लीगल स्वयंसेवकों (पीएलवी) ने भी भाग लिया। उन्होंने प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर बच्चों के संरक्षण, कल्याण और सर्वांगीण विकास के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। साथ ही, देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया. कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मचारियों ने भी सहयोग किया। आयोजन के माध्यम से बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन का संदेश दिया गया।
